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मेले का प्रबंधन

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सालासर बालाजी मेले का प्रबंधन

राजस्थान के चूरू जिले में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में हर साल सालासर बालाजी मेले का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया जाता है। यह मेला चैत्र और आश्विन पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मेले का प्रबंधन बहुत ही व्यवस्थित और संगठित तरीके से किया जाता है, जिसमें प्रशासन, पुलिस, हनुमान सेवा समिति और कई स्वयंसेवी संगठन मिलकर काम करते हैं।

सालासर बालाजी मेला राजस्थान के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो हर साल चैत्र और आश्विन पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस मेले में देश भर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए सालासर बालाजी मंदिर पहुँचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और हनुमान सेवा समिति मिलकर कुशल प्रबंधन करते हैं।

मेले के आयोजन से पहले ही बड़े पैमाने पर तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा साफ़-सफ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, अस्थायी विश्राम गृह, चिकित्सा शिविर और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। पुलिस विभाग भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था संभालता है। जगह-जगह सहायता केंद्र और सूचना कक्ष बनाए जाते हैं, जहाँ श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

हनुमान सेवा समिति मेले के दौरान भोजन, चिकित्सा सेवा और मार्गदर्शन की ज़िम्मेदारी लेती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचना प्रसारित की जाती है। सामूहिक प्रयासों और जन सहयोग से यह मेला न केवल आध्यात्मिक अनुभूति का केंद्र बनता है, बल्कि कुशल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

हनुमान सेवा समिति और अन्य सामाजिक संगठन भी निःशुल्क भोजन, चिकित्सा सहायता, दवा वितरण और मार्गदर्शन सेवाएँ प्रदान करते हैं। मेले के दौरान लाउडस्पीकरों के माध्यम से नियमित घोषणाएं की जाती हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

इस समर्पित एवं समन्वित व्यवस्था के कारण सालासर बालाजी मेला अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न होता है, जो धार्मिक आस्था एवं समाज सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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